HomeHealthहार्ट अटैक और बुखार ही नहीं, जानलेवा कैंसर में भी प्रभावी है...

हार्ट अटैक और बुखार ही नहीं, जानलेवा कैंसर में भी प्रभावी है एस्प्रिन दवा, स्टडी में प्रकट


प्रतिकात्मक चित्र

कैंसर को लेकर हाल ही में अमेरिकी शोधकर्ताओं (अमेरिकी शोधकर्ताओं) की एक स्टडी रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि हार्ट अटैक और दर्द निवारक दवा एस्प्रिन (एस्पिरिन टैबलेट) के हर दूसरे दिन उपयोग करने से स्तन और मूत्राशय कैंसर (ब्लैडर कैंसर) ) से होने वाली मौत को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

  • News18Hindi
  • आखरी अपडेट:21 जनवरी, 2021, 6:19 PM IST

ब्रेस्ट से लेकर क्लैडर कैंसर तक के मरीजों के इलाज में दर्द निवारक दवा एस्प्रिन रामबाण साबित हो सकती है। यह खुलासा हाल ही में हुआ एक स्टडी से हुआ, जिसमें कहा गया है कि दर्द निवारक दवा एस्प्रिन के हर दूसरे दिन इस्तेमाल करने से ब्रेस्ट और कैंसरर कैंसर से मरने वाले लोगों की संख्या को तीन गुना तक कम किया जा सकता है। इस स्टडी को अमेरिका के नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (NCI) के शोधकर्ताओं ने पूरा किया है। बता दें कि एस्प्रिन का उपयोग करने वाले लोगों में करोड़ों लोग हार्ट अटैक से बचने के लिए करते हैं।

यह रिसर्च कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रहे अमेरिका के 1,40,000 पुरुषों और महिलाओं पर किया गया था, जिसमें ज्यादातर 65 साल से ज्यादा उम्र के लोग शामिल थे और उन्हें 13 साल तक ट्रैक किया गया था। इस स्टडी में शामिल डॉ। होली लुमंस क्रॉप ने बताया है कि हमने अलग-अलग मरीजों पर डेवलपर किया, इसका सबसे ज्यादा सकारात्मक असर ब्रेस्ट और कैंसरर कैंसर के मरीजों पर देखने को मिला। हालांकि, शोधकर्ताओं ने एस्प्रिन के सेवन को लेकर खुराक की मात्रा संबंधी चीजों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन यूके में 75Mg तक ही इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

शोधकर्ताओं ने स्क्रिनिंग में शामिल लोगों का हवाला देते हुए कहा कि इस रिसर्च के आधार पर हम कह सकते हैं कि ब्रेस्ट या क्लैडर के कैंसर वाले मरीज यदि सप्ताह में कम से कम 3 बार एस्प्रिन लेते हैं, तो दूसरी दवा लेने वालों की तुलना उनकी है। मृत्यु की संभावना एक चौथाई तक कम हो सकती है। इतना ही नहीं, यह दवा राजदूत कैंसर की वजह से पेट के अंदर होने वाले सूजन को भी कम करने में सक्षम है। साथ ही यह भी कहा कि इस दवा से हृदय रोग, स्ट्रोक गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर और अन्य कई प्रकार की बीमारी से होने वाली मौत के जोखिम को कम किया जा सकता है।

इन रोगों में प्रभावी नहीं है एस्प्रिनअनुसंधान में एस्प्रिन को लेकर कई और खुलासे हुए। शोधकर्ताओं ने कहा कि एस्प्रिन के सेवन से यह बात भी स्पष्ट हुई है कि चार अन्य रोग जैसे गलफड़, पेट, अग्नाशय या गर्भ कैंसर आदि के इलाज या जोखिम को रोकने में एस्प्रिन कारगर नहीं है। उन्होंने बताया कि एस्प्रिन का उपयोग करके कैंसर से बचाव तो हो सकता है, लेकिन लंबे समय तक इसके फायदे और नुकसान पर भी विचार करना जरूरी है। उन्होंने चेताया कि दवा का ज्यादा सेवन पेट में परेशानी पैदा कर सकता है। यह स्टडी जामा नेटवर्क ओमान में भी प्रकाशित हुआ है।





LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read