Home Health सर्दियों में थोड़ी लापरवाही पर फट जाता है

सर्दियों में थोड़ी लापरवाही पर फट जाता है


फटी एड़ियों पर माँ और सरसों का तेल भी काफी फायदा पहुँचाता है।

पानी गर्म करने के बाद इसमें सोडियम और वेसिलिन मिलाकर एक घंटा तक पैरों को डुबोकर रखें। उसके बाद एल्स की निकासी कर उसमें क्रीम लगाकर सोएं।

  • News18Hindi
  • आखरी अपडेट:11 जनवरी, 2021, 7:51 AM IST

बहुत से लोगों को एड़ी फटने की शिकायत होती है। विशेषकर ठंड के मौसम में जब पछुवा हवा चलने का लगता है, तो पैरों की एड़ियों में दर्द होने लगता है। उससे खून आने की भी शिकायत हो जाती है और लोगों का पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। इस एड़ी के फटने का कई कारण हो सकते हैं। वजन का ज्यादा होना, खून की गड़बड़ी, त्वचा का प्रसाद होना। सबसे पहले इसको देखना जरूरी है कि इसका फटने का कारण क्या है। डॉक्टरों की मानें तो डाइबिटीज के मरीजों को ये ज्यादा होने की संभावना रहती है। इसके अलावा थायराइड भी इसका कारण हो सकता है। विटामिन की कमी, ज्यादा मात्रा में पानी न पीना और पैरों के रख-रखाव में कमी भी इसके कारण हो सकते हैं।

आयुर्वेद के अनुसार प्रतिबंध (केले) को फटी एड़ियों (क्रैक हील्स) में लगाने से काफी आराम मिलता है। इसके लिए प्रतिबंध को मैश कर अपने एफटी एल्स में लगाकर उसे 15 मिनट बाद धो लें। इसके इस्तेमाल से आराम मिलेगा। इसके अलावा पानी गर्म करने के बाद सोडियम और वेसिलिन सहित एक घंटा तक उसमें पैरों को डुबोकर रखें। उसके बाद एल्स की निकासी कर उसमें क्रीम लगाकर सोएं। वहीं सरसों का तेल गर्म कर फटी एड़ियों पर लगाने से बहुत जल्द राहत मिलती है। इसके अलावा ग्लिसरीन और गुलाब जल मिलाकर लगाना, मृत त्वचा की स्थिति में चावल का आटा, शहद और सेब के सिरके का पेस्ट बनाकर एड़ियों में लगाने पर लाभ मिलता है।

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फटी एड़ियों पर माँ और सरसों का तेल भी काफी फायदा पहुँचाता है। 50 मि.ली. सरसों के तेल को गर्म करके 25 ग्राम माँ को मिला। जब माँ पूरी तरह से घुल जाए, तो बर्तन को ठंडा होने दें। थोड़ा गुनगुना रहने पर इसमें पाँच ग्राम कपूर मिलाकर मलहम तैयार कर लें और रात में सोने से पहले इसे लगाएं। तुझे तुरंत राहत मिलेगी। नीम की पत्ती का पेस्ट भी हल्दी के साथ सहित आधे घंटे तक लगाकर छोड़ दें और उसके बाद पैरों को गर्म पानी से धो लें। यह भी प्रभावी दवा की तरह काम करता है। बदलते मौसम में एड़ियों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बाहर निकलते समय साफ मोजे का इस्तेमाल किया जाता है।(अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी और सूचना सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। हिंदी समाचार 18 इनकी पुष्टि नहीं करता है। ये पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें।)





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