Home Health व्हाटवॉश, क्यों कमला हैरिस के 'कवर फोटो' पर खड़ा हुआ विवाद?

व्हाटवॉश, क्यों कमला हैरिस के ‘कवर फोटो’ पर खड़ा हुआ विवाद?


फैशन और लाइफस्टाइल की लोकप्रिय पत्रिका वोग (लाइफस्टाइल मैगजीन वोग) के आगामी कवर पेज (वोग कवर कंट्रोवर्सी) पर कमला हैरिस की तस्वीर को लेकर काफी हंगामा बरपा हो रहा है। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन (जो बिडेन) की कैलकुलेटर में अमेरिका की उप राष्ट्रपति के तौर पर बोनस जा चुकें हैरिस पहले भारतीय अमेरिकी और पहली अफ्रीकी अमेरिकी महिला हैं, जिन्हें यह उपलब्धि हासिल हुई है। इसी उपलब्धि को उजागर करने के लिए वोग ने अपने फरवरी के संस्करण के लिए कवर पेज पर हैरिस की एक्सक्लूसिव तस्वीर (कमला हैरिस फोटो) छापी है, जिसे चौतरफा आलोचना झेलना पड़ रही है।

बीते रविवार को वोग के रेडियो हैंडल से जैसे ही फरवरी के आने वाले इश्यू के कवर पेज के दो फोटो जारी किए गए, तो केवल देखते हुए फोटो एडिटिंग के पीछे की सोच को लेकर सवाल खड़े होने लगे। विवाद गहराता चला गया और राष्ट्रवाद के आरोप भी लगने लगे। आरोपों को वोग ने तो मना किया लेकिन ताज़ा खबरों तक बाइडन प्रशासन की तरफ से इस बारे में आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई।

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क्या है विवाद और क्यों?वोग ने जो कवर के लिए प्रस्तावित फोटो सोशल मीडिया पर साझा कीं, उनमें से एक में हैरिस कन्वर्स स्निकर और काले रंग की डोनाल्ड डील जैकेट पहने हुए दिख रहे हैं और गुलाबी व हरे रंग के बैकग्राउंड के सामने ढेर हैं। दूसरी तस्वीर में हैरिस तकरीबन आसमानी रंग के माइकल कोर्स सूट में सुनहरे रंग के बैकग्राउंड के सामने दिखती हैं।

अब इन तस्वीरों को लेकर हंगामा इसलिए है कि आगामी 20 जनवरी को अमेरिका की उप राष्ट्रपति बनने वाली पहली अश्वेत महिला की तस्वीरों को इस तरह एडिट किया गया कि वह ‘फेयर’ दिखें। इस तरह की सोच को लेकर लगातार बनाकर वोग की फोटोग्राफी और एडिटिंग टीम की आलोचना की जा रही है।

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दूसरी ओर, वोग की मुख्य संपादन डेम एना विंटूर ने तमाम आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि फोटो में हैरिस की स्किन टोन को संशोधित नहीं गया है। हालांकि, इससे पहले पिछले साल ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन के समय विंटूर ने माना था कि अल्पसंख्यकों के प्रति संवेदनशीलता को लेकर उनकी पत्रिका से चूक हुई थी।

व्हाटवॉशिंग क्या होता है?
फैशन उद्योग में इस शब्द को तब इस्तेमाल किया जाता है, जब किसी तस्वीर में व्यक्ति की स्किन टोन को साफ किया जाता है। सामान्य शब्दों में सांवली या काली त्वचा को जब गेहुंए या गोरे रंग की टोन में प्रस्तुत किया जाता है, तो उसे व्हाइटवॉश कहते हैं। इसे फैशन की दुनिया में ‘यूरोप केंद्रित सौंदर्य पैमाने’ के तौर पर भी समझा जाता है।

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साफ तौर पर यह गोरी त्वचा यानी राष्ट्रवादी सोच का परिचायक है। सुंदरता के अपने पैमानों के हिसाब से किसी व्यक्ति की प्राकृतिक त्वचा की टोन में छेड़छाड़ कर उसे बदलने को व्हाइटवॉशिंग कहते हैं, जिससे जुड़े आरोप हैरिस की तस्वीर के मामले में वोग पर लग रहे हैं। यह भी फैक्ट है कि फैशन की दुनिया में यह अक्सर होता है कि फोटो एडिटिंग से त्वचा की टोन को व्हाइटवॉश किया जाए।

न्यूज 18 क्रिएटिव

व्हिटवॉस्टिंग से जुड़े किस्से
इससे पहले 2011 में ब्रिटिश वोग के कवर पेज के लिए भी यह आरोप लगे थे कि मशहूर कलाकार रिहाना के फोटो को भी व्हॉटवॉश किया गया था। तब भी मैगज़ीन ने आरोप नकार दिया था। वोग के अलावा, एक और प्रसिद्ध पत्रिका एले पर भी 2016 में ऑस्कर के लिए नामांकित कलाकार गैबरे सिडिबे की तस्वीर की व्हिटवॉशिंग के आरोप थे।

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यही नहीं, 2018 में प्रसिद्ध अश्वेत मॉडल और अभिनेत्री नाओमी कैंपबेल के फोटो के साथ इसी तरह की छेड़छाड़ के लिए सेलिब्रिटी मैगज़ीन हेलो को कठघरे में खड़ा किया गया था।

रंगभेद और फैशन उद्योग
केवल पत्रिकाओं या प्रसिद्ध हस्तियों तक ही नहीं, यह विज्ञापन विज्ञापन पर भी हावी रहा है। 2008 में लॉरियाल के एड में गायिका बियोन्स नोएल्स की तस्वीर की बात हो रही है या 2011 में इसी ब्रांड के लिए अभिनेत्री फ्रीडा पिंटो के फोटो की, व्हिटॉविंग के आरोप लगने शुरू हो गए। 2017 में डव के एड में एक अश्वेत महिला को गोरा होते हुए दिखाया जाने पर भी खासा हल्ला मचा था। डव को माफी भी मांगनी पड़ी थी।

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मॉडल व बिज़नेसवूमन नाओमी कैंपबेल के फोटो में स्किन टोन को बदलने के लिए पत्रिकाएँ पहले विवादों के कारण रही हैं।

जापानी टेनिस खिलाड़ी नाओमी ओसाका से फिल्म उद्योग तक कई बार इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। आलोचकों का मानना ​​है कि रंगभेद की जड़ें इतनी गहरी हैं कि कास्टिंग के वक्त भी श्वेत व अश्वेत छात्रों के चयन को लेकर भेदभाव होता है। एंजेलिना जोली, बेन एफलेक, स्कारलेट जोहानसन और एमा स्टोन को ऐसे किरदारों के लिए का स्ट किया गया था जो श्वेत समुदाय के नहीं थे।

क्या हैरिस की टीम की विकलांगता?
वोग के कवर के लिए कमला हैरिस की तस्वीर पर जो विवाद खड़ा हुआ है, उस पर हैरिस की टीम की तरफ से वर्तमान में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन एक रिपोर्ट में यह ज़रूर बताया गया कि आकाशी सूट वाली तस्वीर टीम हैरिस ने कवर पेज के लिए फाइनल की थी। जबकि एक और रिपोर्ट में कहा गया है कि हैरिस की टीम ने दोनों छवियों को कवर के लिए मंज़ूरी दे दी थी।



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