Home Health वास्तु टिप्स: जानें घर की कौन सी दिशा में हो सकता है...

वास्तु टिप्स: जानें घर की कौन सी दिशा में हो सकता है किचन और कहां रखें गैस स्टोव- News18 Hindi


किसी भी घर में उसका किचन (रसोई) एक महत्वपूर्ण अंग माना जाता है। कहा जाता है कि घर की रसोई में जो भी स्पष्ट हो जाता है उसका सीधा असर व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। वास्तु (वास्तु) के अनुसार किचन दिनभर की ऊर्जा का स्रोत होता है। इसलिए किचन में पॉजिटिव एनर्जी (सकारात्मक ऊर्जा) को बनाए रखने के लिए वास्तु के अनुसार उसकी दिशा का निर्धारण करना जरूरी होता है। किचन की गलत दिशा भी घर की सुख-शांति को कम कर सकती है और घर के सदस्यों के बीच लड़ाई का कारण बन सकती है। सिर्फ यही नहीं वास्तु के अनुसार गैस स्टोव का भी सही दिशा में होना आवश्यक है, जिससे इसमें खाने का गलत असर घर के सदस्यों पर न पड़े। आइए जानें किचन की दिशा और गैस स्टोव की सही जगह के लिए क्या कहता है वास्तु।

वास्तु के अनुसार लूटी की दिशा
-वास्त के अनुसार किसी के घर में पृथ्वी, आकाश, वायु, अग्नि और जल के तत्वों का उचित संतुलन होना चाहिए।
-सरोई का स्थान घर के दक्षिण-पूर्व कोने में होना चाहिए और भोजन समय पूर्व दिशा की ओर मुख करना चाहिए।
-खाना समय पश्चिम दिशा को एक वैकल्पिक दिशा बनाता है।

यह भी पढ़ें: वास्तु टिप्स: घर में जानें किस शंख को रखने से होता है लाभ, कैसे होगी इच्छाएं पूरी

-सिंक को आदर्श रूप से रसोई के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में रखा जाना चाहिए।
-उत्तर-पूर्व दिशा में पानी के बर्तनों और जल शोधक को रखें।
-जब वास्तु के अनुसार किचन की दिशा का निर्धारण किया जाता है तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का निवास होता है।
-अच्छी, विशाल और अव्यवस्था मुक्त रसोई अच्छी सेहत और समृद्धि के लिए जरूरी है।
-रसोई में खिड़कियां होनी चाहिए और किचन हिसार होना चाहिए जिसमें पर्याप्त रोशनी होना जरूरी है।
-इसके अलावा अनाज को इकट्ठा करने का स्थान किचन के पश्चिम और दक्षिण की दीवारों की तरफ होना चाहिए।

वास्तु के अनुसार किचन में गैस स्टोव रखने की दिशा
-गैस स्टोव को लूट के दक्षिण-पूर्व कोने में रखा जाना चाहिए।
-रसोई में अग्नि तत्व होने के नाते, यह उस कोने में होना चाहिए जहां अग्नि के देवता मौजूद हों।
-जब आप खाना बना रहे हों तो आपका मुंह पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए।
-आपका गैस स्टोव पूर्व की ओर से जाना चाहिए।
-अगर खाना बनाते समय खाना बनाने वाले का मुंह पश्चिम दिशा की ओर होता है तो इससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

यह भी पढ़ें: वास्तु टिप्स: घर में भूलकर भी नहीं रखना चाहिए सूखे या मुरझाए फूल, हो सकता है ऐसा नुकसान

-दक्षिण की ओर मुंह करने से वित्तीय समस्याएं हो सकती हैं।
-इसके अलावा, आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि गैस के ठीक ऊपर कोई शीशा या अलमारी न हो क्योंकि यह जगह धूमकेतु के लिए होती है।
-अग्नि के स्वामी का स्थान घर के दक्षिण-पूर्व दिशा में स्थित है। जिसका अर्थ है कि वास्तु के अनुसार आदर्श रसोई स्थान आपके घर के दक्षिण-पूर्व दिशा में होता है।
-यदि आपको दक्षिण-पूर्व दिशा में उपयुक्त स्थान नहीं मिल रहा है, तो उत्तर पश्चिम दिशा में भी गेज स्टोव रख सकते हैं।(अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी और सूचना सामान्य जानकारियों के आधार पर हैं। हिंदी समाचार 18 इनकी पुष्टि नहीं करता है। ये पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें।)



LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read