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ये 2 आसनों के कॉम्बिनेशन से कमर दर्द दूर होगा, बॉडी होगा रिलैक्स- News18 हिंदी


आज के लाइव योगा सेशन (लाइव योग सत्र) में बॉडी को बेहतर बनाए रखने के लिए कई व्यंजनों आसनों और उनके कॉम्बिनेशन के बारे में बताया गया। साथ ही मार्जरी आसन, मर्कट आसन आदि के लाभ बताए गए। इन्ही करने से कमर दर्द में फायदा पहुंचता है और यह कमर का दर्द बनाए रखने हैं। साथ ही इमोयून सिस्टम (इम्यून सिस्टम) भी बेहतर बना हुआ है। कमर में दर्द सामान्‍य समस्‍या है। यह कुछ योगाभ्यास से आसानी से दूर किया जा सकता है। सर्दियों का समय है, ऐसे में शरीर में गर्मी और फुर्ती लाने के लिए कुछ योगाभ्यास करें। इससे बॉडी रिलैक्स होता है। वहाँ कुछ देर बंद आँखें से अब्नास के प्रभाव को महसूस करें। तो आइए योग करें और आनंदमय जीवन की ओर से एक कदम और बढ़ाएँ।

चक्रासन
इस आसन को करते समय हथेलियों को नीचे स्पर्श करते समय जल्दबाजी न करें। चक्रासन करने के कई लाभ होते हैं। इस आसन के अभ्यास से पेट की चौंकाने वाली दूर होती हैं। साथ ही कमर पतली और लचकदार बनती है। इस आसन से बांदेस की सिद्धांतोंियां मजबूत बनती हैं। टांगें, घुटने चुस्त होते हैं। जांघें और पिण्डलियां भी मजबूत बनती हैं। इसके अलावा इसे करने से बांदों का ऊपरी भाग भी सशक्त होता है। पेट की चर्बी कम होती है।

सेतु बंधासन

संस्कृत में पुल को सेतु कहा जाता है। सेतु या पुल किसी दुर्गम स्थान या नदी के किनारों को आपस में प्रवेश है। ये आसन भी हमारे मन और शरीर के बीच तालमेल बैठाने में मदद करता है। जैसे पुल का काम ट्रैफिक और दबाव को सहन करना है, ये आसन भी हमारे शरीर से टेंशन को हटानेता और कम करने में मदद करता है। साथ ही कमर दर्द में आराम मिलता है।

सेतु बंधासन करने का तरीका
योग मैट पर पीठ के बल लेट जाओ। श्वसन की गति सामान्य रखें।
इसके बाद के हाथों को पीछे रखना।
अब धीरे-धीरे अपने पैरों को घुटनों से मोड़कर हिप्स के पास ले आओ।
कूल्हों को संभव फर्श से ऊपर की ओर उठाएं। हाथ जमीन पर ही रखें।
कुछ देर के लिए साँस को रोककर रखें।
इसके बाद सांस छोड़ते हुए वापस मैदान में आते हैं। पैरों को सीधा करें और दोबारा करें।
10-15 सेकंड तक आराम करने के बाद फिर से शुरू करें।

सेतु बंधासन के फायदे
छाती, गर्दन और रीढ़ की हड्डी में खिंचाव पैदा करता है
शोधन और मेटबॉलिज्म सुधारता है
एंग्जाइटी, थकान, कमर दर्द, सिरदर्द और इंसोम्निया में फायदेमंद
जीन की हड्डी में हर उठता है
दिमाग को शांत करता है
फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है और थायरॉयड की समस्या में फायदेमंद है
रक्त संचार में सुधार है।

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भुजंगासन
भुजंगासन, सूर्य नमस्कार के 12 आसनों में से 8 वां है। भुजंगासन को सर्पासन, कोबरा आसन या सर्प मुद्रा भी कहा जाता है। इस मुद्रा में शरीर सांप की आकृति बनाता है। ये आसन जमीन पर लेके और पीछे को मोड़कर किया जाता है जबकि सिर सांप के उठे हुए फन की मुद्रा में होता है।

भुजंगासन के फायदे
-रीद की हड्डी में दृढ़ता और
-पेट के निचले हिस्से में मौजूद सभी भागों के काम करने की क्षमता बढ़ती है
-पचन तंत्र, मूत्र मार्ग की समस्याएं दूर होती हैं और यौन शक्ति बढ़ती है
-मेटाबॉलिज्म सुधरता है और वजन कम करने में मदद मिलती है
-कमर का निम्नतम हिस्सा मजबूत होता है
-फेफड़ों, कंधों, छाती और पेट के निचले हिस्से को अच्छा खिंचाव मिलता है
-डिप्रेशन में भी बहुत फायदा मिलता है
-आस्थामा में भी राहत

मर्कट आसन
मर्कट आसन करने के लिए मैट पर लेट जाएंगे पैर का घुटना ऊपर की तरफ रखें दोनों हाथों के बाहर की ओर खुल जाएगा दोनों हाथों के समानांतर के बिल्कुल बिल्कुल रहेंगे अब अपने पैर को घुटने से आहिस्ता आहिस्ता ऊपर की ओर मोड़ें इसके बाद दोनों पैर के घुटने को दाहिनी ओर फर्श से लगाई जाएगी या क्रिया ४ से ५ सेकंड तक ऐसे ही फर्श पर स्पर्श करेगी और चेहरा विपरीत दिशा में घुमाएगी अब डायमे-डायम दोनों पैरों को ऊपर की ओर और चेहरे के सामने लाएं। अब ठीक है, जिसके विपरीत होगा।

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मर्कट आसन के लाभ
मर्कट आसन से रीढ़ की हड्डी मजबूतली होगी साथ ही पीठ संबंधी सभी परेशानियों से छुटकारा मिलेगा।
जांघे भी शेप में आएगी साथ ही आपका शरीर भी फुर्तीला होगा।



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