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महीने के वे खास दिन होते हैं बदलाव से भरे, पैरेंट्स ऐसे रखें किशोर बेटी का ध्याना


बढ़ती उम्र के साथ शरीर में कई हार्मोनल परिवर्तन होते हैं। इमेज क्रेडिट: Pexels / Elly Fairytale

जब आपका बच्चा छोटा है, तो शरीर रचना विज्ञान के बारे में जानने की उसमें अनिश्चितसुता भी रहती है। ऐसे में यह सही समय होता है जब आप उसे शरीर में आने वाले इन बदलावों के बारे में अच्छी तरह बता सकते हैं। उसे शरीर के अंगों के उचित नाम और उनके कार्यों के बारे में बताया जा सकता है।

  • News18Hindi
  • आखरी अपडेट:13 जनवरी, 2021, 10:27 AM IST

इस बात से कोई इंकार नहीं है कि किशोरावस्था बड़े हुए से भरी है। खासकर उन बच्चों के लिए जिनके पीरियड्स शुरू हो चुके हैं। इसमें शरीर में कई बदलाव देखने को मिलते हैं। इस समय लड़कियां बड़े पैमाने पर हार्मोनल उतार-चढ़ाव का अनुभव करती हैं। ऐसे में यही सही समय है जब ये दिए के समय पैरेंट्स को अपने बच्चों की मदद करने के लिए तैयार रहना चाहिए और इसके लिए अपने बेटों को पहले से ही बातचीत के जरिये बताना चाहिए। जब आपका बच्चा छोटा है, तो शरीर रचना विज्ञान के बारे में जानने की उसमें अनिश्चितसुता भी रहती है। ऐसे में यह सही समय होता है जब आप उसे शरीर में आने वाले इन बदलावों के बारे में अच्छी तरह बता सकते हैं। उसे शरीर के अंगों के उचित नाम और उनके कार्यों के बारे में बताया जा सकता है।

अपने बच्चे को यह समझने में मदद करनी चाहिए कि उनका शरीर कैसे काम करता है। इस तरह बढ़ती उम्र के बच्चों के साथ होने वाले परिवर्तन के लिए वे अधिक तैयार रहते हैं। इस बात से बाल मनोचिकित्सक भी सहमत हैं।

पहले से ही करें
विशेषज्ञों का कहना है कि पैरेंट्स को कम उम्र से ही मासिक धर्म के बारे में न्यूज़ीलैंड का ध्यान केंद्रित करना चाहिए। आप उसे इस बारे में तब भली तरह समझा सकते हैं जब बच्चा पहली बार पीरियड्स की स्थिति से गुजरता है।ये भी पढ़ें –चिड़चिड़ा आंत्र सिंड्रोम: जानिए करेगा है इरिटेबल बाउल सिंड्रोम

साइन्स के उपयोग के बारे में बताएं

वे लड़कियां जो पीरियड्स से गुजर रही हैं वे उनके बारे में बताना जरूरी है। इस दौरान जो लोग तैयार किए जाते हैं, उनके कार्यों का तरीका और सही उपयोग के बारे में जरूर बताएं। ऐसे में वे इस स्थिति को बेहतर ढंग से समझते हैं और इसमें आने वाली अनियमितताओं पर भी नजर रख रहे हैं।

ब्रा और पीरियड प्रोडक्ट जब चाहें
वैसे तो इन आरोपों को खरीदने की कोई भी निर्धारित उम्र नहीं है। चायचा जब इसके लिए तैयार हो तब इन उत्पादों की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि इस बारे में विशेषज्ञों के मुताबिक जब शरीर विकसित होना शुरू होता है या अगर लड़की इसके बारे में आत्म-सचेत हो जाती है, तो उसके लिए ब्रा चुनने का सही समय है।

इस समय जियादादा धयान रखें
निष्क्रिय परिवर्तन और उतार-चढ़ाव कभी भी बेहतर नहीं होते हैं और इसकी वजह यह है कि शरीर में ये बड़े हार्मोनल बिल्कुल के कारण टीनेजर अक्सर मूडी और अत्यधिक भावनात्मक हो जाते हैं। ऐसे में चीनचा अधिक आक्रामक या भयभीत महसूस कर सकता है। हार्मोनल परिवर्तन तनाव में वृद्धि की तरह हो सकता है। ऐसे में शिक्षकों की मनोदशा समझती है कि उसके साथ रहो। उसे खुश रखने की कोशिश करें।

उचित समय पर डॉ। सेटर सलाह
ज्यादातर बच्चों में 10 से 14 साल की उम्र में यौवन की शुरुआत हो जाती है और उनमें मासिक धर्म शुरू हो सकता है। लेकिन कुछ में यह बहुत साल पहले शुरू हो सकता है या कुछ साल बाद। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है। शिशु औरचे के रेगवहार में आते बदलावों के लिए अपने बच्चे के साथ डॉक्टर के पास जाना एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

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चॉचे को मानसिक रूप से तैयार करें
जितना अधिक आप अपने बच्चे को यौवन के बारे में शिक्षित कर सकते हैं, उतना बेहतर होगा, चचा इतने मानसिक रूप से भी इसके लिए तैयार हो रहे हैं। पीरियड्स के दौरान बेटियां किसी तरह की शर्म महसूस न करें। इस स्थिति में वे सामान्‍य रहें, इसके लिए पैरेंट्स अपनी बढ़ती बेटियों को यह समझने में मदद कर सकते हैं कि यह जीवन का एक डायससा है और इसे सामान्य रूप से लिया जाना चाहिए। (अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी और सूचना सामान्य जानकारी पर आधारित हैं। हिंदी न्यूज़ 18 इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)





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