HomeHealthबढ़ती उम्र में बरतेंगी थोड़ी सावधानी से तो ठीक रहेगा

बढ़ती उम्र में बरतेंगी थोड़ी सावधानी से तो ठीक रहेगा

हर साल की तरह 2021 भी आ गया, लेकिन दूसरों का रख और फिर ख़ुद की सेहत अनल कर लेने की महिलाओं की आदत में शायद ही कभी बदलाव आ पाया हो। इस प्रयुक्त की वज़ह से अक़्सर अधूरा या मध्यम आयु वर्ग तक आते- आते अधिकांश महिलाओं का शरीर जवाब देने लगता है, लेकिन को विभाजित जैसी महामारी के साथ शुरू होने इस नए साल में उन्हें सदियों से चली आ रही इस आदत में बदलाव करना होगा। इससे बचने के लिए अधिवक्ताओं महिलाओं को कुछ बुनियादी बातों को अमल में लाना होगा, जिससे उन्हें लंबी वक़्त तक सेहतमंद रहने में मदद मिलेगी।

आमतौर पर महिलाओं में 45 और 60 वर्ष की उम्र के बीच मधुमेह रोग और उच्च रक्त, मोटापा, रजोनिवृत्ति, कैंसर और डिप्रेशन जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से आने वाले लगते हैं। उन्हें बीमारियों को ख़ुद से दूर रखने के लिए आहार, व्यायाम से लेकर समय-समय पर अपने शरीर की चिकित्सीय जांच जैसे
बातें रोजाना की दिनचर्या में तानी होंगी। ये छोटी मगर काम की बातों को अपनाने से आप ख़ुद ही अपने अंदर के बदलावों को देखते हैं।

पौष्टिक और स्वस्थ आहार डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, वयस्कों के लिए एक स्वस्थ आहार में फल, प्रदूषण, फलियां- दाल और बीन्स वगैरह, नट्स और साबुत अनाज में अनप्रोसेड मक्का, बाजरा, जई, गेहूं और ब्राउन राइस शामिल होना चाहिए। मछली, एवोकैडो, नट्स, सूरजमुखी, कैनोला और ओल के तेल से मिलने वाली अनुकरणृप्त वसा के साथ ही मांस, मक्खन, ताड़ और नारियल तेल, क्रीम पनीर, घी से मिलने वाली संतृप्त वसा भी पोषण युक्त आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह ध्यान रखें कि भोजन केवल पेट भरने के लिए नहीं बल्कि पौष्टिकता से भरपूर हो।नमक की मात्रा थोड़ी हो: दैनिकाना 5 ग्राम से कम नमक (लगभग एक चम्मच के बराबर) ही लें। यह आयोडीन युक्त होना चाहिए।

नियमित व्यायाम करें: व्यायाम से स्वस्थ वजन बनाए रखने में मदद मिलती है। इसके लिए अपने बीएमआई की जांच करें। इससे आपको मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, स्ट्रोक, मोटापा, ऑस्टियोपोरोसिस, फ्रिंग के जोखिम को कम करने में मदद मिलेगी। कुछ हद तक स्तन, आंतों के कैंसर होने का ख़तरा भी कम रहता है। शरीर का संतुलन और समन्वय बेहतर होता है। अवसाद से बचाव होता है और उम्र के साथ कम होते मानसिक कौशल में सुधार होता है।

मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधियाँ सप्ताह भर में कम से कम 150 मिनट की मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि होनी चाहिए। जैसे ब्रिस्क वॉक, तैराकी, साइकिल चलाना, लंबी पैदल यात्रा, नृत्य, एरोबिक, बागवानी, घरेलू कार्य कर सकते हैं।

वर्ष में कम से कम एक बार डाय, एनीमिया, कोलेस्ट्रॉल और उच्च रक्त के लिए एक स्वास्थ्य जांच करवाएं।

डॉ की सलाह के मुताबिक स्तन और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के लिए नियमित रूप से स्क्रीनिंग भी आवश्यक है। सामान्य तौर पर मैमोग्राम से स्तन कैंसर और पैप स्मीयर से गर्भाशय के कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है।

स्तन, डिम्बग्रंथि या पेट के कैंसर के पारिवारिक इतिहास वाली महिलाओं को अपने डॉक्टर से इस पर रायें।

एस.एम. जो महिलाएं गर्भवती हैं, तंबाकू, पान, गुटखा या शराब का सेवन करती हैं। इससे कैंसर और फेफड़े के रोगों के खतरे को कम करने में मदद मिलेगी।

इस प्रकार से दूर रहें: प्रोसेड फूड, फास्ट फूड, स्नैक फूड, फ्राइड फूड, फ्रोजन फूड, कुकीज, मार्जरीन और स्प्रेड जैसी चीजों में पाया जाने वाला इंडस्ट्रियल ट्रांस फैट सेहत के लिए अच्छे नहीं होते हैं। इनसे बचना चाहिए। (अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी और सूचना सामान्य जानकारी पर आधारित हैं। हिंदी समाचार 18 इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें।)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read