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धनिया पानी के लाभ: धनिया पानी पीने के कई फायदे हैं, जानें कैसे करें


धनिया जल स्वास्थ्य लाभ: भारतीय रसोई में अगर मसल्स की बात करें तो धनिया (धनिया) उन मसालों मे से जिसका प्रयोग रोजाना किया जाता है। यह भोजन को अपने खास अरोमा से स्वादिष्ठ तो बनाता ही है, यह सेहत (स्वास्थ्य लाभ) के मामले में भी काफी नुकसान होता है। हाल ही में आयूष मंत्रालय ने इसे भी विभाजित -19 गाइडलाइन में स्वास्तथ लाभ के रूप में इसे भोजन में शामिल करने का निर्देश जारी किया था। अगर इसके फायदों की बात करें तो अगर रोजाना धनिया को भोजन में शामिल किया जाए तो यह शरीर के लिए जरूरी विटामिन ए, सी सहित कई पोषक तत्वों की आपूर्ति करता है। भोजन विशेषज्ञ इसे हर्बल चाय, काढ़ा आदि के रूप में भी प्रयोग करने की सलाह दे रहे हैं। ऐसा में कहा जा रहा है कि अगर धनिये का पानी (धनिया पानी) रोजाना सेवन किया जाए तो इसके कई स्वास्तिक लाभ लोगों को मिल सकते हैं। तो आइए जानते हैं इसे बनाने का तरीका। धनिया का पानी बनाएं -एक बर्तन में एक गलास पानी लें और इसे गैस पर उबालें। जब यह पानी उबलने लगे तो इसमें एक चर्मम धन धनिया का बीज डालें। तब तक उबलने दें जब तक कि पानी आधा ना हो जाए। इस पानी को छान लें और गरमागरम इसे चाय की तरह पिएं। यह भी पढ़ें: डार्क सर्कल्स से परेशान हैं, तो जानें इसके होने की 8 वजहें-एक गमला पानी में एक चर्मम धनिया के बीज या पत्ती को रात भर छोड़ दें। सुबह इस पानी का सेवन करें। क्या इसके फायदे हैं – अगर धनिया के पानी का रोजाना सेवन किया जाए तो यह गठिए के दर्द को कम कर सकता है। – यह शरीर को हाइड्रेट रखता है और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता है। – यह शरीर से कठोर चीजों को बाहर निकालने में भी मदद करता है। इसकी मदद से आप किडनी को डिटॉक्‍स कर सकते हैं। – यह गर्मी के मौसम में शरीर का ठंडा रखता है और गर्मी से राहत देने का काम भी करता है। – अगर आपके चेहरे में सूजन जैसी शिकायत बनी रहती है तो इसके नियमित सेवन से यह समास्या भी दूर हो जाती है। -धनिया का पानी डाइजेशन की समसया को भी दूर करता है और पेट में गैस, जलन आदि की समास्या को शांत करता है। यह भी पढ़ें: पुरुषों के लिए भी स्किन की देखभाल बहुत जरूरी है, गर्मियों में इस तरह रखें अपना खयाल -यह शरीर में मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया को तेज करता है और वजन कम करने में सहायक होता है। -यह थायराइडॉर्म को भी नियंत्रित करने में कारगर है। -इके प्रयोग से बलनाडुगर लेवल को कम किया जा सकता है। (अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी और जानकारी सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। हिंदी समाचार 18 इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें। ।)



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