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दिल्ली की आधी रात वाली ‘गेड़ी’ और मूलचंद के दशहे, एक बार जरूर लें मजा … – News18 हिंदी


राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अगर आप रहते हैं तो रात को ‘गेड़ी’ जरूर मारी होगी। गेड़ी के साथ आपको भूख भी लगी होगी। तो ऐसे में आधी रात के बाद आप अगर सड़कों पर हैं और दक्षिण दिल्ली (दक्षिणी दिल्ली) के आसपास हैं तो मूलचंद (मूलचंद) का नाम जरूर ही सुना होगा। देर रात शौक से या मजबूरी में खाना खाने वालों के लिए यह एक बेहतरीन ठिकाना है। जी हां, आप समझ गए होंगे कि मैं मूलचंद के पराठों (मूलचंद के परठे) की बात कर रहा हूं। दिल्ली में वैसे तो दशठों की पूरी गली ही है, लेकिन देर रात वालों के लिए पराठों का ठिकाना तो मूलचंद ही है। पुरानी दिल्ली की पराठों वाली गली के पराठों से अलग होते हैं मूलचंद के चरठे और इसके प्रेजेंटेशन भी अलग-अलग होते हैं।

अलग-अलग स्टफिंग के साथ ये दशहे बनाए जाते हैं और अंचार व चटनी के साथ परोसे जाते हैं। दशथ सेंक कर भी बनते हैं और तंदूर वाले भी। पराठों के उस्ताद हैं मूलचंद के चरथे। पिछले लगभग 50 वर्षों से मूलचंद पराठे अपना स्वाद बिखेर रहे हैं। लेकिन, स्वाद के साथ इनकी टाइमिंग के लिए ये बहुत प्रसिद्ध हैं। संजीव गुप्ता बताते हैं कि 10 साल पहले वे लखनऊ से दिल्ली आए थे। शहर नया था और अपने शहर से अलग। ऐसे में एक रात वो काम में व्यस्त रहने के कारण खाना नहीं खा पाए। आधी रात को भूखे पेट नींद भी नहीं आ रही थी। फिर उनके एक दोस्त ने कहा कि चलिए मूलचंद।

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पहले तो उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ कि आधी रात के बाद भी कहीं स्वादिष्ट और ताजा खाना मिल सकता है। लेकिन, जब वे मूलचंद पराठे के पास पहुंचे तो अपनी पारी आने के लिए उन्हें इंतजार करना पड़ा। इसके बाद तो लेट नाइट क्रेविंग उनकी आदत ही बन गई। आलू, पनीर, प्याज और गोभी-मूली के दशठों के साथ मिक्स दशहे भी खूब डिमांड में रहते हैं। मूलचंद दशथ के दीवाने बहुत से हैं। इनमें बॉलीवुड के किंग खान यानी शाहरुख खान भी शामिल हैं।

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शाहरुख यहां अपने दोस्तों के साथ आए थे और पराठा व चाय का आनंद लेते थे। दिल्ली और एनसीआर में आज के समय में कई ऐसे जावेद हैं जो रातभर खुले होते हैं। वहां आप देर रात विश्रामथों का आनंद ले सकते हैं। जो भी स्टफिंग हो तुम कराइए और जमकर खाइए। दशठों के ऊपर मक्खन कि टिक्की रखना भी लोग नहीं भूलते हैं। आखिर स्वाद का मामला है।



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