HomeHealth..तो आपको क्या पता था कि 'पाव-भाजी' का यह सच है, कोई...

..तो आपको क्या पता था कि ‘पाव-भाजी’ का यह सच है, कोई भी अब स्वाद नहीं- News18 हिंदी


(विवेक कुमार पांडेय)

शाम को बाजार (बाजार) निकले हो घूमने के लिए और भूख लग जाए। आप सोच ही रहे होंगे कि क्या बात होगी, ठीक इसी समय आपके सामने बड़े से तवे पर कोई गरम-गरम भाजी (भाजी) फ्राई कर रहे हों और साथ ही बटर (मक्खन) लगाकर उसमें पाव (पाव) डालें। यकीन मानिए वह मिक्स सब्जियां (मिश्रित सब्जियां) की खुशबू और हॉट बटर में सिंकी हुई पाव की सोंधी खुशबू आपकी भूख को बढ़ा देगी। अपने ही दिमाग पर इस कदर कब्जा कर लेगी कि तुम्हारी निगाह कहीं और न ही न …

मुंबई से दिल्ली तक
जी हां, मैं बात कर रहा हूँ पाव-भाजी (पाव भाजी) की। वैसे तो यह मराठी या यूं कहिए कि बिलाया यानि मुंबई की दिज़ है। लेकिन, वर्तमान समय में उत्तर भारत में भी छोटे-बड़े शहर में आपको पाव-भाजी के ठेले या स्टाल मिल जाएंगे। साथ ही बड़े शहरों के ज्यादातर खाद्य श्रृंखला में भी पाव-भाजी एक महत्वपूर्ण डिश का स्थान ले चुका है। ये बात जरूर है कि पाव-भाजी ठीक वाली किसी-किसी को ही बनानी आती है, क्योंकि यह काम तो मुश्किल है।

ये भी पढ़ें – इतना भी कड़वा नहीं होता करेला, जानिए क्या हैं इसके गुण

इतिहास चौका देगा
क्या आप जानते हैं कि इसके ओरिजिन कैसे हुए हैं? तो वास्तव में मुंबई में कई टेक्सटाइल (टेक्सटाइल) मिलें थीं और वहां से बहुत मजदूर (श्रमिक) काम करते थे। लेकिन, उस समय जो खाने मौजूद थे उन्हें रिक में बहुत देर लगता था और मजदूरों को पौष्टिकता नहीं मिलती थी। फिर, सभी सब्जियों को एक में मिलाकर उनमें फ्राई करने के बाद लगभग शांति देने पर भाजी बनाई गई। इसलिए सात्विकता चाहिए। तत्कालीन बंगल में पाव प्रसिद्ध थे तो बन गए यह ‘याराना’। जो आज देश-विदेश में फैला हुआ है।

फिक्स रेसिपी नहीं
पाव-भाजी की कोई फिक्स रेसिपी नहीं है यानी यह-यह सब्जी ही खेगी जैसी है। जो भी सब्जी उपलब्ध हो उसे उसमें मिला कर बनाया जाता है। आम तौर पर इसे आलू, प्याज, गाजर, काली मिर्च, मटर, कद्दू, टमाटर और अन्य सीजनल सब्जियों के साथ मिलाकर बनाया जाता है। इसके साथ ही बटर में चारों ओर से सेंका गया ‘पाव’ मिलता है। पर, जब तक बारीक कटी हुई प्याज और नींबू इसके साथ न हो, गोके का सर्किल पूरा नहीं होता है।

ये भी पढ़ें – खौलते तेल में हाथ डाल कर निकाल लेते हैं ‘पकौड़े’, सालों से स्वाद का सफर

हेल्दी फास्ट फूड
तो जैसा मैंने पढ़ा है इस भोजन का विकास ही पौष्टिकता के लिए हुआ था। आप इसे घर पर भी आसानी से बना सकते हैं और अपने हिसाब से खुद के जायके में भी ढाल सकते हैं। वैसे तो इसे फास्ट फूड की श्रेणी में ही रखा गया है, लेकिन अन्य फास्ट फूड के बजाय यह काफी फायदे वाला है। आजकल बाजार में बहुत तरह के पाव-भाजी उपलब्ध हैं। दरअसल हम भारतीय तो विदेशी खानों के साथ इतने प्रयोग कर रहे हैं तो पाव-भाजी तो अपना भारतीय खाना है।



LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read