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जानें विंटर के मौसम में डेड पीट-टूक रखने की आसान टिप-न्यूज 18 हिंदी


सर्दियों का मौसम (सर्दियों का मौसम) केवल लोगों को ही नहीं बल्कि जानवरों (जानवरों) और पेड़-पौधों (पौधों) को भी बुरी तरह से संक्रमित किया जाता है। खासतौर पर बेजुबान पौधे इस मौसम में कभी ओस की बूंदें तो कभी ठंडी हवा के झोकों से मुरझा जाते हैं और सूख कर टूटने लगते हैं। सर्दी का मौसम केवल बाहर मैदानों को ही नहीं बल्कि इंडोर पीर्ट्स को भी नुकसान पहुंचता है। इस मौसम में पीर्ट्स को कम धूप, ऑक्सिजन और ताजी हवा न मिलने के कारण, वह पीले पड़ जाते हैं और सूख कर झड़ने लग जाते हैं। इनइंडोर पीर्ट्स में मनी पीटेंट (मनी प्लांट) भी आता है। भारत के लगभग सभी घरों में आपको मृत घोषित किया जाएगा। इस पेड़ से जुड़े धार्मिक भावव भी हैं और यह घर की खूबसूरती भी बढ़ा देता है।

सर्दियों के मौसम में मृत पर्टेंट को उचित देखभाल की बहुत जरूरत होती है तो नहीं, इनकी ग्रोथ दसवीं जाती है। वास्तव में मौसम बदलने के साथ-साथ पेड़-पौधों की देखभाल का तरीका भी बदल जाता है। मनी पेंट्स को घर के अंदर और घर के बाहर दोनों साथ ही लगाया जा सकता है। लेकिन इनकी देखभाल इस मौसम में बहुत जरूरी हो जाती है। सर्दियों के मौसम में मृत पर्टेंट को हरा-भरा रखने और उसकी भलाई ग्रोथ के लिए कुछ आसान टिप बताने के लिए जा सकते हैं।

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जब मुड़ा हुआ आदमी P’ents का पानी

अगर आपने मृत पीडेंट्स की कटिंग को किसी कांच की बोतल में लगाया है तो आपको सर्दियों के मौसम में महीने भर में उसका पानी बदल देना चाहिए। पानी में जो भी लवण होते हैं उसे पीटेंट एब्जॉर्ब कर लेता है, इसमें महीने भर लग जाता है। इसके बाद पानी को बदल देना चाहिए, जिससे पीरिट को जियाल्दा पोषण मिल सके। उसी गर्मी के मौसम में मृत पित्तर के पानी को 10 से 15 दिन में बदल देना चाहिए। बहुत जल्दीदी-जल्दिदी भी पानी को न बदलें नहीं तो इससे पीट की पृष्ठभूमि को नुकसान पहुंचता है। अगर आपने गमले में मृत पितरों को लगाया है तो आपको गमले में पानी निकलने की अच्छी अवस्थाओं के लिए भी चाहिए। यदि आप ऐसा नहीं करेंगे तो पीडेंट की जड़ें गल जाएगी और उसमें फंगस लग जाएंगे।

सर्दियों के मौसम में मृत पर्टेंट के ग्रोथ को कैसे बढ़ाते हैं
सर्दियों के मौसम में अगर मृत पित्तर की ग्रोथ रुक गई है और आप उसे बढ़ाना चाहते हैं तो आप घर में मौजूद विटामिन-ई और सी के कैप सल्फुल को काट कर उसके अंदर मौजूद सामग्री को मृत पित्तर की बोतल में डाल सकते हैं। अगर आपने गमले में मृत पितरों को रखा है तो आप मिट्टी में इन दवाओं को मिला सकते हैं। इसके अलावा एक्सपायर हो चुकी दवाओं में भी मैन पिएंट की ग्रोथ दसवीं बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती हैं। आगे भी आप मनी पिएंट के पानी में डाल सकते हैं। यह दवाओं के रूप में काम करता है। ये मौजूद पोषक तत्वों केसों को मृत पित्तर ग्रहण कर लेता है, जिसका प्रभाव उसके ग्रोथ पर भी पड़ता है।

मनी प्लींटी के पीले पड़ चुके पत्तों को ऐसे बनाएँ हरा-भरा
एक शप्रे बोतल लें और उसमें पानी भर लें। अब इस पानी में एक बड़ा चर्मम नारियल का तेल डालें। आप ऑलिव ऑयल, सरसों का तेल, बादाम का तेल या चमेली का तेल भी डाल सकते हैं। यह मिश्रण का आदमी पिएन्ट के पत्ती पर छिड़काव करें। इससे मृत पितरों के पत्तों को ताजगी और चमक आ जाती है। अगर सर्दी की वजह से मृत पित्तर के पत्तते पीले पड़ रहे हैं तो पानी के इस मिश्रण से वह हरे-भरे हो जाएंगे। इस विशेष जल के छिड़काव से पत्तीयों में एक सप्ताह तक चमक बनी रहती है।

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इसके बाद इस प्रक्रिया को आप फिर से दोहरा सकते हैं। अगर पत्ती सूख गई है तो उनहें तोड़ कर हटा दिया जाएगा, लटकते ही उस पेड़ पर नई पत्ती आ जाएगी। इसके साथ ही अगर मृत पितृ गमले में लगा हुआ है तो उसकी मिट्टी में थोड़ा सा पोटेशियम मिला दें और अगर बोतल में हैं तो चुटकीभर पोटेशियम मिला दें। ऐसा करने से पत्तियों का पीलापन दूर होता है और वह वापिस से हरी हो जाती है।(अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी और सूचना सामान्य जानकारी पर आधारित हैं। हिंदी न्यूज़ 18 इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)



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