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गर्भनिरोधक गोलियों के बारे में जान लें ये बात, महिलाओं की सेक्स लाइफ पर पड़ता है ऐसा असर है


अनचाही प्रेग्नेंसी से बचने के लिए गर्भनिरोधक गोलियां (गर्भनिरोधक गोलियां) सबसे आसान उपाय होता है। लेकिन जो महिलाएं (महिलाएं) इसका सेवन लंबे समय तक करती हैं, उन्हें कई प्रकार की शारीरिक और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। लंबे समय तक इन पंक्तियों का सेवन करने वाली महिलाएं भावनाशक्त हो सकती हैं, जिसका सीधा नकारात्मक प्रभाव उनके निजी संबंधों पर भी पड़ सकता है। मेडिकलन्यूजटुडे की खबर के अनुसार गर्भनिरोधक गोलियों का असर न केवल महिलाओं के सेहत (स्वास्थ्य) पर पड़ता है बल्कि इससे उनकी सेक्शुअल लाइफ (यौन जीवन) भी बुरी तरह से प्रभावित हो सकती है। ये गोलियां जापान में तैयार किए गए दो हॉर्मोन (हॉरमोन) से बनती हैं, जिनका नाम इन्वेस्टस्ट्रोन और एसेक्सन है।

इन पंक्तियों में इन्वेस्टस्ट्रोन हॉर्मोन की जगह कंट्रोलस्टिन जिसे सिंथेटिक हॉर्मोन उपयोग किया जाता है। गर्भधारण करने या न करने में इन्वेस्टस्ट्रोन और एस्ट्रोजेन हॉर्मोन की बड़ी भूमिका होती है। गर्भनिरोधक गेंदों में ये दोनों हॉर्मोन एक साथ या अलग-अलग हो सकते हैं। गर्भनिरोधक गोलियों का नियमित सेवन करने से महिलाओं के शरीर में गर्भधारण करने की स्थिति नहीं बनती है। इस तरीके को ओरल कॉन्ट्रोसेप्टिव (मौखिक गर्भनिरोधक) कहते हैं। आइए आपको बताते हैं कि गर्भनिरोधक गोलियों के कुछ ऐसे साइड इफेक्ट्स (साइड इफेक्ट्स) के बारे में जो शायद ही आपको पता हो।

स्तन में सूजन
कई महिलाओं को गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने के बाद स्तन में सूजन की शिकायत होने लगती है। वहाँ कई महिलाओं का मानना ​​है कि इसके सेवन से ब्रेस्ट का आकार भी बढ़ने लगता है। दवाई लेने के कुछ सप्ताह बाद ही अगर आपको सूजन महसूस होने लगी तो सबसे पहले अपनी डाइट में नमक की मात्रा कम कर लें। ऐसा करने से इस समस्या से निजात पाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा अगर आपको ज्यादा परेशानी हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।यह भी पढ़ें: पीरियड्स में दर्द से परेशान हो जाते हैं आप? कहीं ये गलतियाँ तो नहीं कर रही हैं

लो सेक्स ड्राइव

कुछ स्टडी में दावें किए गए हैं कि जो महिलाएं इन गोलियों का सेवन लंबे समय तक करती हैं, उनकी सेक्स लाइफ प्रभावित होने की शुरुआत हो जाती है। लंबे समय तक गर्भनिरोधक गेंदों का सेवन लो सेक्स ड्राइव का कारण बन सकता है। यदि आप लंबी अवधि तक लो सेक्स ड्राइव का अनुभव करते हैं तो तुरंत किसी डॉ। को दिखाएँ।

वजाइनल डिस्चार्ज
अगर महिला के मुख्य भाग से गाढ़ा और सफेद रंग का डिस्चार्ज हो तो यह नॉर्मल और हेल्दी डिस्चार्ज होता है लेकिन अगर साथ में खचली, जलन या इरिटेशन हो तो फिर डॉ से संपर्क करें क्योंकि इटसेस्ट सेफफेक्शन हो सकता है। डॉक्टरों की मानें तो कई बार ऐसे गर्भनिरोधक बॉल्स के ज्यादा सेवन से भी होता है। वहीं अगर डिस्चार्ज का रंग पीला हो तो संभल जाएं क्योंकि यह बैक्टीरियल या फिर सेक्शुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन की निशानी हो सकती है।

वजन बढ़ना
गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन लंबे समय तक करने से महिलाएं मोटापे का शिकार हो सकती हैं। कई बार गर्भनिरोधक बॉल्स के सेवन से शरीर का वजन तेजी से बढ़ने लगता है। इन पंक्तियों के कारण शरीर के अलग-अलग भाग में द्रव रिटेंशन बढ़ जाता है। यदि आप भी इस समस्या से पीड़ित हैं तो आप अपनी गर्भनिरोधक गेंदों को बदल सकते हैं। हालांकि ऐसा करने से पहले अपने डॉक्टर से राय जरूर लें।

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सिर में दर्द और तनाव
गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने से महिलाओं को सिर में दर्द और माइग्रेन की शिकायत हो सकती है। कई महिलाओं के कारण तनाव का भी शिकार हो जाता है। अगर आपको भी ये गोलियां खाकर माइग्रेन की समस्या होती है, तो एक बार इस दवाई की डोज कम करके देखें। हो सकता है आपको दर्द में आराम मिल जाए। याद रखें, दवाई की डोज अपने डॉक्टर के परामर्श के बाद ही कम या बंद करें। अपने मन से दवाई की डोज कम-ज्यादा करने से आप परेशानी में फंस सकते हैं।



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