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गणतंत्र दिवस 2021: इस बार रिपब्लिक डे कुछ अलग रहेगा, जानें इससे जुड़ी दिलचस्प बातें


गणतंत्र दिवस 2021: इस बार देश 72 वें गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है।

26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान सभा (भारत की संविधान सभा) की ओर से संविधान को अपनाया गया और 26 जनवरी, 1950 को इसे लागू किया गया। यह विश्‍व का सबसे बड़ा गति माना जाता है।

  • News18Hindi
  • आखरी अपडेट:14 जनवरी, 2021, 6:53 PM IST

गणतंत्र दिवस 2021: देश में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस (गणतंत्र दिवस) मनाया जाता है। इस बार देश में 72 वें गणतंत्र दिवस का जश्न मनाया जा रहा है। यह एक राष्ट्रीय त्योहार है। 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान सभा (भारत की संविधान सभा) की ओर से संविधान को अपनाया गया और 26 जनवरी, 1950 को इसे लागू किया गया। भारत का संविधान विश्‍व का सबसे बड़ा संविधान माना जाता है। डॉ। भीमराव अंबेडकर इसे बनाने वाली संविधान सभा के अध्यक्ष थे। इसके अलावा इस सभा के प्रमुख सदस्यों में डॉ। राजेन्द्र प्रसाद, जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि शामिल थे। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह के मौके पर भारत के राष्ट्रपति द्वारा भारतीय राष्ट्र ध्वज को फहराया जाता है। साथ ही एक भव्य परेड का आयोजन किया जाता है।

इस बार समारोह की स्थापना पर कम संख्‍या होगी
इस बार कोविद -19 के मद्देनजर हो सकता है कि गणतंत्र दिवस समारोह में कोई विदेशी शासनाध्यक्ष अतिथि के तौर पर शामिल न हों। इसकी वजह यह है कि समारोह के मुख्य अतिथि ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कोरोना महामारी की गंभीर स्थिति को देखते हुए इसमें हस्तक्षेपिहत न हो पाने में असमर्थता जताई है। ऐसा शायद पहली बार होगा। इसके अलावा इस मौके पर होने वाली परेड में जो फौजी दस्ते और झांकियां आकर्षण का केंद्र बनती हैं, इस बार उनकी संख्या कम होगी। साथ ही समारोह स्थापितल पर भी लोगों की संख्‍या कम रहेगी।

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-देश में हर साल राजपथ पर गणतंत्र दिवस की परेड आयोजित होती है, जो रायसीना हिल से शुरू होकर लाल किले पर समाप्‍त होती है। इस मौके पर प्रत्येक वर्ष कई राष्ट्रों से भारत को आमंत्रित किया जाता है।

-परेड में विभिन्न राज्यों की प्रदर्शनी भी प्रिवुट की जाती हैं। इसमें हर राज्य के लोगों की विशेषता के साथ उनके लोक गीतों और कला का प्रदर्शन किया जाता है।

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-26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में इसलिए मनाया जाता है क्योंकि 26 जनवरी 1930 को लाहौर में हुई बैठक में 26 जनवरी को ‘पूर्ण स्वराज दिवस’ के रूप में बनाने की घोषणा हुई थी। इसी कारण से इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।

-भारतीय गति दुनिया का सबसे बड़ा लिखित प्रस्ताव है। इसके बनने में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन का समय लगा। 26 जनवरी 1950 को 10.18 मिनट पर भारत का संविधान लागू किया गया।

-राष्ट्रगान के दौरान 21 तोपों की सलामी दी जाती है। ये सलामी 52 सेकेंड के राष्ट्रगान के समाप्‍त होने के साथ पूरी हो जाती है।साथ ही इस मौके पर गणतंत्र दिवस के अवसर पर वीरता प्रतिष्ठित भी दिए जाते हैं। गणतंत्र दिवस के मौके पर देश की आजादी में बलिदान देने वाले शहीदों को प्रधानमंत्री श्रद्धाजंली देते हैं।





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