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क्रोनिक हेपेटाइटिस बी: बार-बार थकाते हैं तो इग्नोर न करें, जान लें क्रॉनिक हेपेटाइटिस बी के लक्षण- News18 Hindi


अगर आप अपने बार-बार थकने से परेशान हो रहे हैं तो इसे इग्नोर बिलकुल भी ना करें। हो सकता है कि आप क्रॉनिक हेपेटाइटिस बी (क्रोनिक हेपेटाइटिस बी) के संक्रमण में आ चुके हों। यह एक जानलेवा बीमारी है जिसका लक्षण पता लगाना मुश्किल होता है। वास्तव में यह एक ऐसी बीमारी है जो एक दिन सामने नहीं आती है। हमें लगता है कि हम यूंं हीं परेशान हो रहे हैं, लेकिन तब तक आप जानलेवा बीमारी (जीवन-धमकी बीमारी) के संक्रमण में आ चुके होते हैं। ऐसे में अगर आप भी कई दिनों से थकान महसूस कर रहे हैं तो डॉक्‍टर के पास जरूर जाएं।

करता है क्रोनिक हेपेटाइटिस बी

Mayoclinic.org के अनुसार क्रॉनिक हेपेटाइटिस बी (क्रोनिक हेपेटाइटिस बी) यानी कि पीलिया एक ऐसी बीमारी है जो हमारी बॉडी को धीरे-धीरे खोखला कर डालती है और हमें पता भी नहीं चलता है। लिवर (लिवर) को इफेक्‍ट करने वाली यह बीमारी दरअसल जानलेवा है जिसे बिलकुल भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

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लक्षण करता है

बार-बार थकान महसूस होना, फ्लू जैसे बुखार का होना, उल्टी होना, स्किन पीला होना यह इसके लक्षण हैं। इसका लक्षण इतना नॉर्मल होता है कि यह सामान्‍य बुखार जैसा ही लगता है, लेकिन यह धीरे धीरे भयानक रूप लेते हुए लिवर (जिगर) सेल्स को खराब करने लगता है और खून की उल्टियां होने लगती हैं।

संक्रमण से उठता है हेपेटाइटिस बी

आम तौर पर यह खून और सलाइवा से फैलता है। अगर हानिकारक बच्चों को इंजेक्शन लगाने के बाद उसी दोपहर में से किसी दूसरे बच्चों को इंजेक्शन लगा दिया जाए तो यह फैल सकता है। जैसे ही यह वायरस ब्लड के संपर्क में आता है सबसे पहले यह लिवर को नुकसान पहुंचता है। यहीं से वह अपने वायरस को बढ़ाना शुरू करता है और वायरस पैदा करता है।

बड़ों को करता है जियालदास

बच्चों की तुलना में यह वायरस वयस्कों में तेजी से फैलता है। हालांकि वायरस के संपर्क में आए वयस्कों में भी 40 प्रतिशत मामलों में कोई लक्षण नहीं दिखाई देता है, जो सबसे खतरनाक बात है। यह कई कारणों से हो सकता है जिसमें हाइजीन भी मुख्य कारण है।

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कई प्रकार इस बिमारी के हैं

हेपेटाइटिस होने के लिए 5 तरह के वायरस जिम्मेदार होते हैं। इनमें A, B, C, D, E के नाम से जाना जाता है। इनमें से AIDS का हमला छोटे बच्चों पर होता है जो जल्दी ठीक हो जाता है। हिपेटाइटिस ई का वायरस वयस्कों पर हमला करता है जो 95 प्रतिशत मामलों में ठीक होता है। हमारे देश में इन वायरसों का संक्रमण और व्यक्तिगत साफ-सफाई के अभाव में भी होता है।

उपाय है

अपने आस-पास साफ सफाई रखें। बिना साफ पानी के ना पिएं। अगर आप बाहर जियादा रहते हैं तो घर से पानी कैरी करें। अगर हो सके तो घर में सभी लोग इससे बचाव के लिए वैक्लाइन लगवा सकते हैं।



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