HomeHealthइस टिप टूर की मदद से करें अचार का रख-रखाव, नहीं लगेगा...

इस टिप टूर की मदद से करें अचार का रख-रखाव, नहीं लगेगा फंगस- News18 Hindi


अक्सर हम घर में कहते हैं कि कोई सब्जी नहीं है, तो अचार (अचार) से रोटी खाएँगे। खाने की दुनिया में अचार की अलग ही अहमियत है। कोई बिरला ही होगी जो अचार को पसंद नहीं करती होगी। अमूमन हर घर में अचार का उपयोग होता है। हर दिल अजीज अचार केवल बेमिसाल स्वाद दे पाता है जब इसमें फंगस न लगे, ये खराब न हों। यह तरीका है। इसके लिए अचार डालते हैं, यह रखते हुए कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। यहां बताएं उपायों को अपनाएं और अचार को फंगस (फंगस) से बचाते हैं

फंगस से बचाएं:

चटपटे अचार का सबसे बड़ा दुश्मन फंगस या फफूंद है। यह अचार में रखी गई चीजों में नमी रहने की वजह से भी लग सकता है। इसके ऊपर तेल की परत इसे ख़राब होने से बचाती है। अचार में तेल पर्याप्त मात्रा में न होने की वजह से भी यह ख़राब हो सकता है। यह बनाते हैं जब इस्तेमाल किए जाने वाले बर्तन अगर साफ न हो तो इसमें फफूंद लगे रहने की संभावना बनी रहती है। इसके लिए इस्तेमाल होने वाले पैरों और सब्जियों के दागदार होने पर भी यह खराब हो सकता है। पत्र दिनों में बर्तन में अचार को हिलाते रहना चाहिए।

यह भी पढ़ें: अब अंडे और अरबी को छीलने में दिक्कत नहीं होगी, ये स्मार्ट टिप्स हैं

आचार भरने में बरतें सावधानी:

अचार बनाने से ही आपका काम पूरा नहीं हो जाता है। इसका स्वाद बरकरार रहता है और ये लंबे समय तक चले जा सकते हैं क्योंकि इसके लिए इसे रखने वाले और बर्तनों और भरते वक्त सावधानी रखनी चाहिए। इसे रखने के बर्तन कांच या चीनी मिटटी के होने चाहिए। स्टील के बर्तन और प्लास्टिक के डिब्बों में अचार स्टोरेज करने से बचना चाहिए। प्लास्टिक के जार में अचार रखना सेहत के हिसाब से भी अच्छा नहीं माना जाता है।

साफ-सफाई पर ध्यान दें

आचार भरने वाले बर्तन को पहले डिटर्जेंट और गर्म पानी से अच्छी तरह धोकर साफ करें। इसके पूरी तरह सूखने के बाद ही इसमें अचार फिल है।

यह भी पढ़ें: प्याज, लहसुन और अदरक छीलना अब आसान हो जाएगा

नमी से बचाव और सही सामग्री का चुनाव:

आचार बनाने वाला फल। सब्जी और मसाले में नमी नहीं रहनी चाहिए। इसमें शामिल होने वाले मसाले वगैरह भी सही मात्रा में और सही तरीके से तैयार होने चाहिए। जैसे लालमिर्च, हल्दी जैसे मसाले तेज गर्म तेल में डालने से जल सकते हैं। इससे अचार काला ही नहीं गिरता, बल्कि कड़वा भी हो सकता है। इसलिए तेल के हल्क गरम होने पर केवल मसाले डालें। अचार के मसल्स में नमी बनी रही से भी अचार जल्दी खराब हो सकता है। इसीलिए मसल्स को अचार बनाने से पहले थोड़ी भून लें या धूप में नमी दें। इसी तरह मीठे अचार के लिए चाशनी को सही बनानी चाहिए। नमक की मात्रा सही न होने पर भी आचार जल्दी खराब होने का खतरा रहता है।

अचार रखें:

अचार तैयार होने के बाद दो -तीन दिन इसे मलमल के कपड़े से ढक कर धूप में रखें। अचार कई तरह के बनते हैं, जैसे तेल वाला अचार, बगैर तेल वाला अचार, मीठा अचार। कुछ एक महीने तो कुछ अचार पूरे साल इस्तेमाल के लिए बनाएं जाते हैं। तेल वाले अचार में सही मात्रा में तेल होना आवश्यक होता है। इसी तरह मीठे अचार में पानी नहीं रहना चाहिए। रोजाना इस्तेमाल के लिए अचार को बड़े कंटेनर से कांच के किसी छोटे कंटेनर में से निकलते हैं। (अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी और सूचना सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। हिंदी समाचार 18 इनकी पुष्टि नहीं करता है। ये पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें।)



LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read